Friday, October 5, 2007

जिस प्रकार न्‍यूज चैनलों के पास पत्रकारों का टोटा हो गया है उसमें सिटीजन पत्रकार ही कार्य करेगें ऐसे में यह देखना होगा कि सिटीजन पत्रकार अपने आप किस रूप में स्‍थापित कर पाते है दूसरे यह कि चैनल्‍स को पूरे देश में पत्रकारो की एक लम्‍बी फौज नही खडी करनी पड रही है । इस समय चैनल आम के आम गठलियों के भी दाम वाली कहावत पर काम कर रहे है ।

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